Philosophy meaning in Hindi है दर्शन या दर्शनशास्त्र, यानी जीवन, सच, ज्ञान और सही-ग़लत जैसे बड़े सवालों पर गहराई से सोचने वाला विषय। कॉलेज के सिलेबस में यह एक पढ़ाई का विषय है, तो रोज़ की बातचीत में यही शब्द किसी इंसान के सोचने के ढंग के लिए भी आता है।
जब कोई कहे my philosophy is simple, तो वह कोई किताबी बात नहीं कर रहा, बल्कि अपना जीने का उसूल बता रहा है। इस पेज पर दोनों तरह के इस्तेमाल, इससे बने शब्द और कुछ आसान उदाहरण दिए गए हैं।
एक नज़र में
हिंदी अर्थ
दर्शन, दर्शनशास्त्र, जीवन-दर्शनशब्द-भेद
Noun (संज्ञा)उच्चारण
फ़िलॉसफ़ी (ज़ोर लॉ पर)दूसरे रूप
philosopher (दार्शनिक), philosophical (दार्शनिक, गहरा)बहुवचन
philosophiesकहाँ दिखता है
कॉलेज के विषय, किताबें, कंपनी की नीति, बातचीत
Philosophy meaning in Hindi: तीन मतलब
- दर्शनशास्त्र (विषय): वह पढ़ाई जिसमें पूछा जाता है कि सच क्या है, हम कैसे जानते हैं, अच्छा जीवन कैसा होता है। इसके अंदर तर्कशास्त्र (logic), नीतिशास्त्र (ethics) और तत्त्वमीमांसा जैसी शाखाएँ आती हैं।
- जीवन-दर्शन या उसूल: किसी व्यक्ति की ज़िंदगी के बारे में सोच। जैसे किसी का मानना कि मेहनत करो और फल की चिंता मत करो।
- काम करने का सिद्धांत: किसी स्कूल, कंपनी या टीम की मूल सोच, जैसे teaching philosophy यानी पढ़ाने का तरीक़ा और सोच।
भारत में दर्शन की पुरानी परंपरा है, जैसे सांख्य, योग, न्याय और वेदांत। इसलिए हिंदी में Indian philosophy को भारतीय दर्शन कहा जाता है।
फ़िलॉसफ़ी का सही उच्चारण
इसे फ़िलॉसफ़ी बोला जाता है। ज़ोर दूसरे हिस्से लॉ पर होता है। शुरुआती ph को प नहीं, फ़ पढ़ा जाता है। Philosopher को फ़िलॉसफ़र और philosophical को फ़िलसॉफ़िकल बोलते हैं, जिसमें ज़ोर सॉ पर खिसक जाता है। हिंदी में लिखते समय फ़ के नीचे नुक्ता लगाना सही माना जाता है, क्योंकि यह अंग्रेज़ी f वाली ध्वनि है। कुछ लोग फिलोसोफी लिख देते हैं, पर बीच वाला लॉ खुला और साफ़ बोला जाता है।
इस्तेमाल के उदाहरण
| English | हिंदी |
|---|---|
| She chose philosophy as her main subject in college. | उसने कॉलेज में दर्शनशास्त्र को मुख्य विषय चुना। |
| My grandfather's philosophy was to live simply. | मेरे दादाजी का जीवन-दर्शन था सादगी से जीना। |
| The school follows a philosophy of learning by doing. | यह स्कूल करके सीखने की सोच पर चलता है। |
| He became quite philosophical after the trip. | उस सफ़र के बाद वह काफ़ी दार्शनिक बातें करने लगा। |
| Ancient Indian philosophy talks a lot about the self. | प्राचीन भारतीय दर्शन आत्मा के बारे में बहुत बात करता है। |
Philosopher, philosophical और दूसरे रूप
- Philosopher: दार्शनिक, यानी जो इन सवालों पर गहराई से सोचे और लिखे।
- Philosophical: दर्शन से जुड़ा, या बोलचाल में शांत और गहरी सोच वाला। He was philosophical about the loss का मतलब है उसने नुक़सान को शांति से, समझदारी से लिया।
- Philosophize: बड़ी-बड़ी, गहरी बातें करना, कभी-कभी थोड़ा ताने के रूप में भी।
गहरी सोच वाले लोगों के लिए intellectual शब्द भी आता है, पर हर intellectual दार्शनिक नहीं होता।
PhD में Philosophy क्यों लिखा होता है
बहुत से छात्र पूछते हैं कि केमिस्ट्री या कॉमर्स में PhD करने वाले को भी Doctor of Philosophy क्यों कहते हैं। इसकी वजह यह है कि पुराने समय में philosophy शब्द का मतलब हर तरह का ज्ञान और उससे प्यार था। ग्रीक भाषा में philo यानी प्रेम और sophia यानी ज्ञान। इसलिए PhD का मतलब है किसी भी विषय में सबसे ऊँची शोध डिग्री, सिर्फ़ दर्शनशास्त्र नहीं।
किसी नौकरी के फ़ॉर्म में लिखा हो: Highest qualification: PhD (Doctor of Philosophy) in Botany. इसका मतलब है वनस्पति विज्ञान में डॉक्टरेट, दर्शनशास्त्र से इसका कोई लेना-देना नहीं।
मिलते-जुलते शब्द और फ़र्क
Ideology विचारधारा है, जो अक्सर समाज या राजनीति के बारे में तय सोच होती है। Belief विश्वास या मान्यता है। Spirituality आध्यात्मिकता है, जो अंदर की खोज से जुड़ी है, जबकि philosophy सवाल पूछने और तर्क से चलती है। रोज़ की ऐसी और शब्दावली रोज़मर्रा के अंग्रेज़ी शब्द वाले हिस्से में मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Philosophy ka matlab kya hota hai?
Philosophy का मतलब है दर्शन। विषय के रूप में यह दर्शनशास्त्र है और बोलचाल में किसी इंसान की जीने की सोच या उसूल को भी philosophy कहते हैं।
Life philosophy का हिंदी क्या है?
Life philosophy को हिंदी में जीवन-दर्शन कहते हैं। यह वह नियम या सोच है जिसके हिसाब से कोई अपनी ज़िंदगी जीता है।
Philosopher किसे कहते हैं?
Philosopher यानी दार्शनिक, वह इंसान जिसका काम ही जीवन, सच और नैतिकता के सवालों में डूबकर उन पर लिखना-पढ़ना हो।
क्या philosophy पढ़ना मुश्किल है?
शुरू में इसके शब्द भारी लगते हैं, पर इसकी जड़ में आसान सवाल होते हैं, जैसे सही क्या है और क्यों। तर्क से सोचने वालों को यह विषय अक्सर पसंद आता है।