Sepsis meaning in Hindi है पूति या सेप्सिस, यानी किसी संक्रमण पर शरीर की ऐसी तेज़ और बेकाबू प्रतिक्रिया जिसमें शरीर की अपनी रक्षा प्रणाली ही अंगों को नुक़सान पहुँचाने लगती है। आम लोग इसे अक्सर ख़ून में इन्फ़ेक्शन फैलना कहते हैं।
यह शब्द ज़्यादातर अस्पताल के आईसीयू, डिस्चार्ज समरी या किसी गंभीर मरीज़ की रिपोर्ट में दिखता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। नीचे इसका आसान अर्थ, उच्चारण, septic और septic shock जैसे जुड़े शब्द और रिपोर्ट में लिखी बातों का मतलब समझाया गया है।
एक नज़र में
हिंदी अर्थ
पूति, रक्त-पूतिता, बोलचाल में ख़ून में इन्फ़ेक्शनशब्द-भेद
Noun (संज्ञा)उच्चारण
सेप्सिसविशेषण
septic (संक्रमित, सड़न वाला)गंभीर रूप
septic shock (सेप्टिक शॉक)कहाँ दिखता है
आईसीयू नोट, डिस्चार्ज समरी, ब्लड रिपोर्ट
Sepsis meaning in Hindi: शरीर में होता क्या है
जब शरीर में कहीं संक्रमण होता है, जैसे फेफड़ों में pneumonia, पेशाब की नली में इन्फ़ेक्शन या किसी गहरे घाव में, तो रोग-प्रतिरोधक तंत्र उससे लड़ता है। आम तौर पर यह लड़ाई उसी जगह तक सीमित रहती है।
सेप्सिस में यह प्रतिक्रिया पूरे शरीर में फैल जाती है। ख़ून की नलियों में inflammation यानी सूजन आ जाती है, ब्लड प्रेशर गिरने लगता है और गुर्दे, जिगर, दिमाग़ जैसे अंगों तक ख़ून और ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुँचते। इसीलिए इसे सिर्फ़ ख़ून का संक्रमण कहना पूरी बात नहीं है, असल समस्या शरीर की बेकाबू प्रतिक्रिया है।
सेप्सिस का उच्चारण और जुड़े शब्द
Sepsis को सेप्सिस बोलते हैं, ज़ोर पहले हिस्से सेप पर रहता है।
- Septic (सेप्टिक): संक्रमण या सड़न वाला, जैसे a septic wound यानी पका हुआ, संक्रमित घाव।
- Septic shock: सेप्सिस का सबसे गंभीर रूप, जिसमें दवा देने पर भी ब्लड प्रेशर बहुत नीचे रहता है।
- Septicemia (सेप्टिसीमिया): पुराना शब्द, जिसका अर्थ है ख़ून में बैक्टीरिया का मौजूद होना।
- Antiseptic: रोगाणुनाशक, जैसे घाव साफ़ करने वाला घोल।
घरों में बोला जाने वाला सेप्टिक टैंक भी इसी जड़ से है, यानी गंदगी सड़ाने वाला टैंक।
किन संकेतों पर ध्यान दें
अस्पताल में डॉक्टर कई जाँचों से सेप्सिस तय करते हैं, पर आम लोग इन चेतावनी संकेतों को पहचान सकते हैं, ख़ासकर अगर किसी को पहले से इन्फ़ेक्शन हो:
- तेज़ fever या इसके उलट शरीर का बहुत ठंडा पड़ जाना, कँपकँपी।
- दिल की धड़कन और साँस बहुत तेज़ होना।
- उलझन, बेहोशी जैसी हालत या बात समझ न आना।
- पेशाब बहुत कम आना, त्वचा पर धब्बे या त्वचा का फीका और नीला सा पड़ना।
यह सिर्फ़ शब्द और उसके आम अर्थ की जानकारी है, इलाज की सलाह नहीं। संक्रमण के साथ ऊपर जैसे लक्षण दिखें तो बिना देर किए नज़दीकी अस्पताल जाएँ, क्योंकि सेप्सिस में हर घंटा मायने रखता है।
रिपोर्ट और बातचीत के वाक्य
| English | हिंदी |
|---|---|
| The patient was admitted with sepsis. | मरीज़ को सेप्सिस की हालत में भर्ती किया गया। |
| Doctors started antibiotics to control the sepsis. | डॉक्टरों ने सेप्सिस पर क़ाबू पाने के लिए एंटीबायोटिक शुरू किए। |
| The wound became septic. | घाव में संक्रमण फैल गया। |
| Early treatment can save lives in sepsis. | सेप्सिस में जल्दी इलाज से जान बच सकती है। |
| He is recovering from septic shock. | वह सेप्टिक शॉक से धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। |
डिस्चार्ज पेपर पर लिखा है: "Diagnosis: Urosepsis." इसका मतलब है कि सेप्सिस की शुरुआत पेशाब के रास्ते के संक्रमण से हुई थी। Uro यहाँ मूत्र मार्ग की ओर इशारा करता है।
किसे ज़्यादा ख़तरा रहता है
नवजात शिशु, बहुत बुज़ुर्ग लोग, डायबिटीज़ या कैंसर के मरीज़, लंबे समय से अस्पताल में भर्ती लोग और जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो, उनमें सेप्सिस का ख़तरा ज़्यादा होता है। गुर्दे पर असर पड़ने से कुछ मरीज़ों को dialysis की ज़रूरत भी पड़ सकती है। साफ़-सफ़ाई, घाव की सही देखभाल और समय पर टीके संक्रमण का ख़तरा कम करते हैं। आईसीयू और डिस्चार्ज पेपर पर लिखे बाक़ी अंग्रेज़ी शब्दों का अर्थ सेहत वाले हिस्से में देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Sepsis ka matlab kya hota hai?
Sepsis का मतलब है संक्रमण पर शरीर की बेकाबू प्रतिक्रिया, जिससे अंगों को नुक़सान होने लगता है। हिंदी में इसे पूति या रक्त-पूतिता कहते हैं।
क्या sepsis और blood infection एक ही हैं?
आम घरों में दोनों को एक जैसा समझा जाता है, लेकिन डॉक्टरी भाषा में फ़र्क है। Blood infection में ख़ून में रोगाणु होते हैं, जबकि sepsis पूरे शरीर की ख़तरनाक प्रतिक्रिया है, जो कहीं के भी संक्रमण से शुरू हो सकती है।
Septic का हिंदी अर्थ क्या है?
Septic का अर्थ है संक्रमित या सड़न वाला। घाव में मवाद पड़ जाए तो कहते हैं wound has become septic।
क्या सेप्सिस का इलाज होता है?
हाँ, जल्दी पहचान होने पर अस्पताल में एंटीबायोटिक, ड्रिप और ज़रूरत पड़ने पर आईसीयू की मदद से इलाज होता है। देर होने पर यह जानलेवा हो सकता है, इसलिए डॉक्टर इसे इमरजेंसी मानते हैं।