Astaghfirullah meaning in Hindi है मैं अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ (महिला बोले तो माँगती हूँ)। यह अरबी भाषा का वाक्य है, जो मुस्लिम समाज में ग़लती का एहसास होने पर, दुआ में, या कोई अनुचित बात सुनकर बोला जाता है।
हिंदी बोलने वाले इसे चैट और कमेंट में भी देखते हैं और सोचते हैं कि इसका भाव क्या है। नीचे astaghfirullah meaning hindi को आसान शब्दों में समझाया गया है: इसकी बनावट, उच्चारण, कब बोलते हैं, और यह alhamdulillah या mashallah जैसे शब्दों से कैसे अलग है।
एक नज़र में
हिंदी अर्थ
मैं अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँभाषा
अरबी (Arabic)उच्चारण
अस्तग़फ़िरुल्लाहदूसरी स्पेलिंग
astagfirullah, astaghfirallahपूरा रूप
Astaghfirullah al-Azeemमिलता-जुलता हिंदुस्तानी शब्द
तौबाकहाँ सुनाई देता है
दुआ, बातचीत, सोशल मीडिया कमेंट
शब्द की बनावट
यह वाक्य दो हिस्सों से बना है:
- Astaghfiru (अस्तग़फ़िरु): मैं माफ़ी माँगता हूँ। इसकी जड़ ग़-फ़-र है, जिसका मतलब है ढक देना या माफ़ कर देना। उर्दू के शब्द मग़फ़िरत (माफ़ी) और इस्तिग़फ़ार (माफ़ी माँगना) इसी जड़ से आते हैं।
- Allah (अल्लाह): ईश्वर के लिए अरबी नाम।
तो पूरा वाक्य बनता है: मैं अल्लाह से क्षमा चाहता हूँ। लंबा रूप Astaghfirullah al-Azeem है, जिसमें अल-अज़ीम का मतलब है महान, यानी मैं महान अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ।
Astaghfirullah meaning in Hindi: किन मौकों पर बोलते हैं
- अपनी ग़लती के बाद: किसी से कड़वी बात कह दी या कोई ग़लत काम हो गया, तो इंसान मन में पछतावे के साथ यह बोलता है।
- दुआ और ज़िक्र में: कई लोग नमाज़ के बाद या दिन में बार-बार इस्तिग़फ़ार करते हैं, यानी यह वाक्य दोहराते हैं।
- कोई अनुचित बात सुनकर: किसी की बेहूदा बात, झूठ या चौंकाने वाली ख़बर सुनकर भी लोग यह कहते हैं। यहाँ इसका भाव हिंदी के तौबा तौबा जैसा होता है।
- ग़ुस्सा शांत करने के लिए: बहस के बीच ख़ुद पर लगाम लगाने के लिए भी लोग इसे दोहराते हैं।
सही उच्चारण
इसे अस्तग़फ़िरुल्लाह बोलते हैं। ग़ में नुक़्ता है, यानी आवाज़ गले के पीछे से निकलने वाली ग़ है, साधारण ग नहीं। फ़ भी नुक़्ते वाला है। आख़िर में ल्लाह पर हल्का ज़ोर रहता है। बहुत से लोग अस्तगफिरुल्ला भी लिखते हैं, पर साफ़ उच्चारण नुक़्ते के साथ ही है।
बातचीत में कुछ उदाहरण
| English | हिंदी |
|---|---|
| I shouted at my mother today, astaghfirullah. | आज मैंने अम्मी पर चिल्ला दिया, अल्लाह माफ़ करे। |
| Astaghfirullah, how can someone lie like that? | तौबा, कोई ऐसे झूठ कैसे बोल सकता है? |
| He recites astaghfirullah after every prayer. | वह हर नमाज़ के बाद अस्तग़फ़िरुल्लाह पढ़ता है। |
| Astaghfirullah, I forgot to return his money. | अरे, अल्लाह माफ़ करे, मैं उसके पैसे लौटाना भूल गया। |
| When angry, she quietly says astaghfirullah. | ग़ुस्सा आने पर वह धीरे से अस्तग़फ़िरुल्लाह कहती है। |
सोशल मीडिया पर किसी बुरी ख़बर के नीचे कमेंट दिखता है: Astaghfirullah, this is so sad. यहाँ लिखने वाला दुख और नापसंदगी जता रहा है, मानो कह रहा हो कि ऐसी बात से अल्लाह बचाए।
मिलते-जुलते अरबी शब्दों से फ़र्क
- Alhamdulillah: सारी तारीफ़ अल्लाह के लिए, यानी शुक्र है। अच्छी ख़बर पर बोलते हैं। ज़्यादा जानकारी alhamdulillah for everything पेज पर है।
- Mashallah: जो अल्लाह ने चाहा, किसी की तारीफ़ करते समय।
- Inshallah: अगर अल्लाह ने चाहा, आगे की बात के लिए।
- Subhanallah: अल्लाह पाक है, किसी सुंदर या हैरान करने वाली चीज़ पर।
- Fi amanillah: अल्लाह की हिफ़ाज़त में, विदा कहते समय।
इन सबमें astaghfirullah अकेला ऐसा है जो माफ़ी और पछतावे से जुड़ा है।
ध्यान रखने वाली बात
यह एक धार्मिक वाक्य है, इसलिए इसे मज़ाक उड़ाने या किसी को चिढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना ठीक नहीं माना जाता। दूसरे धर्म के लोग इसका मतलब समझना चाहें, तो यह बिल्कुल सामान्य बात है। आस्था और भावनाओं से जुड़े और शब्द faith, spiritual और religion पेज पर, और आम बोलचाल के दूसरे शब्द रोज़मर्रा वाले संग्रह में पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Astaghfirullah ka matlab kya hai?
अनुवाद करें तो बनता है: मैं अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ। यह अरबी वाक्य ग़लती के एहसास पर या कोई ग़लत बात सुनकर बोला जाता है।
Astaghfirullah कब बोलना चाहिए?
अपनी ग़लती पर पछतावा हो, दुआ करनी हो, या कोई अनुचित बात सुनी हो, तब। बहुत से लोग गुस्से को काबू करने के लिए भी इसे दोहराते हैं।
Astaghfirullah और tauba में क्या फ़र्क है?
दोनों में माफ़ी और पछतावे का भाव है। तौबा का मतलब है ग़लती छोड़कर लौट आने का पक्का इरादा, जबकि astaghfirullah सीधे अल्लाह से क्षमा माँगने वाला वाक्य है।
Astaghfirullah al azeem का मतलब क्या है?
पूरा वाक्य कहता है कि मैं महान अल्लाह से माफ़ी माँगता हूँ। अल-अज़ीम यानी सबसे बड़ा या महान।
क्या लड़की भी astaghfirullah बोल सकती है?
हाँ, अरबी में यह वाक्य सबके लिए एक जैसा है। हिंदी में अनुवाद करते समय बस माँगता की जगह माँगती लिखा जाता है।