Cataract meaning in Hindi है मोतियाबिंद, आँख की वह हालत जिसमें अंदर का साफ़ लेंस धीरे-धीरे धुँधला या दूधिया हो जाता है। ऐसे में चीज़ें धुँधली, फीकी या धुएँ के पार देखने जैसी लगती हैं।
बुज़ुर्गों की आँखों की जाँच के बाद मिलने वाले कागज़ों में cataract सबसे जाना-पहचाना नाम है। यहाँ जानिए इसका सही उच्चारण, रिपोर्ट में लिखे शब्दों का मतलब और ऑपरेशन से जुड़ी बातें सीधी भाषा में।
एक नज़र में
हिंदी अर्थ
मोतियाबिंदशब्द-भेद
Noun (संज्ञा)उच्चारण
कैटरैक्टशरीर का हिस्सा
आँख का लेंस (पुतली के पीछे)जुड़े शब्द
lens, IOL, blurred vision, glareकहाँ दिखता है
आँखों के डॉक्टर की रिपोर्ट, अस्पताल का बिल, बीमा का काग़ज़
Cataract meaning in Hindi: आँख में होता क्या है
हमारी आँख में पुतली के ठीक पीछे एक छोटा, पारदर्शी लेंस होता है। यह रोशनी को आँख के पिछले परदे पर डालता है, जिससे साफ़ तस्वीर बनती है। उम्र बढ़ने पर इस लेंस का प्रोटीन धीरे-धीरे जमने लगता है और लेंस धुँधला हो जाता है। इसी धुँधलेपन को cataract यानी मोतियाबिंद कहते हैं।
ज़्यादातर यह बढ़ती उम्र में होता है। डायबिटीज़, लंबे समय तक कुछ दवाएँ, चोट या तेज़ धूप भी इसकी वजह बन सकती हैं। कुछ बच्चों में यह जन्म से भी हो सकता है।
मोतियाबिंद पर यह पेज केवल शब्द और हालत की पहचान कराता है। धुँधला दिखे या आँख में कोई तकलीफ़ हो तो नेत्र विशेषज्ञ से जाँच कराएँ और इलाज उन्हीं की सलाह पर करें।
कैटरैक्ट का उच्चारण
Cataract को कैटरैक्ट बोलते हैं। ज़ोर पहले हिस्से कैट पर होता है। बीच का a हल्का है, इसलिए कई लोग इसे कैटरेक्ट भी कहते हैं और इसमें कोई हर्ज नहीं। इसे कैटारैक्ट खींचकर बोलना ज़रूरी नहीं। हिंदी में पुराने लोग इसे सीधे मोतिया या मोतियाबिंद ही कहते हैं।
रिपोर्ट और बातचीत के वाक्य
| English | हिंदी |
|---|---|
| My grandmother has cataract in her left eye. | दादी की बाईं आँख में मोतियाबिंद है। |
| The doctor advised cataract surgery next month. | डॉक्टर ने अगले महीने मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने की सलाह दी। |
| After the surgery, his vision became clear again. | ऑपरेशन के बाद उसे फिर से साफ़ दिखने लगा। |
| Cataract usually develops slowly with age. | मोतियाबिंद आम तौर पर उम्र के साथ धीरे-धीरे बढ़ता है। |
| Bright lights cause glare because of the cataract. | मोतियाबिंद की वजह से तेज़ रोशनी में आँखें चौंधिया जाती हैं। |
आँख की रिपोर्ट में दिखने वाले शब्द
- Immature cataract: मोतियाबिंद अभी शुरुआती या बीच की हालत में है।
- Mature cataract: लेंस काफ़ी धुँधला हो चुका है, देखने में बड़ी दिक्कत है।
- Blurred vision: धुँधला दिखना।
- Glare: तेज़ रोशनी या गाड़ी की हेडलाइट से आँखों का चौंधियाना।
- IOL (intraocular lens): ऑपरेशन में लगाया जाने वाला नकली लेंस।
- Phaco: छोटे चीरे से लेंस निकालने वाला आम ऑपरेशन का तरीका।
पर्ची पर लिखा है: "Rt eye: immature cataract, review after 6 months." यानी दाईं आँख में शुरुआती मोतियाबिंद है और छह महीने बाद फिर दिखाना है। अभी तुरंत ऑपरेशन की बात नहीं कही गई।
मोतियाबिंद का इलाज कैसे होता है
शुरू में मोटे चश्मे या तेज़ रोशनी में पढ़ने से काम चल जाता है। जब धुँध इतनी बढ़ जाए कि पढ़ना, गाड़ी चलाना या चेहरे पहचानना मुश्किल हो, तब डॉक्टर ऑपरेशन बताते हैं। इसमें धुँधला लेंस निकालकर उसकी जगह नया साफ़ लेंस लगाया जाता है। ऑपरेशन आम तौर पर छोटा होता है और आँख को सुन्न करने के लिए anesthesia दिया जाता है। जिन्हें diabetes है, उन्हें आँखों की नियमित जाँच की ख़ास सलाह दी जाती है।
Cataract किन बीमारियों से अलग है
Cataract को अक्सर काला मोतिया यानी glaucoma से मिला दिया जाता है। Glaucoma में आँख के अंदर दबाव बढ़ता है और नस को नुक़सान पहुँचता है, जबकि cataract में सिर्फ़ लेंस धुँधला होता है। आँख आना यानी conjunctivitis एक अलग, आम तौर पर कुछ दिन वाला संक्रमण है। अंग्रेज़ी में cataract का एक पुराना अर्थ बड़ा झरना या जलप्रपात भी है, पर आजकल यह अर्थ बहुत कम दिखता है। सेहत के और शब्द health words पेज पर हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Cataract ko Hindi mein kya kehte hain?
Cataract को हिंदी में मोतियाबिंद कहते हैं। गाँव और घरों में इसे सिर्फ़ मोतिया भी बोला जाता है।
क्या मोतियाबिंद अपने आप ठीक हो जाता है?
आम तौर पर नहीं। धुँधला लेंस अपने आप साफ़ नहीं होता, इसलिए ज़्यादा बढ़ने पर ऑपरेशन ही आम इलाज है। सही फ़ैसला आँखों के डॉक्टर ही बताएँगे।
Cataract और glaucoma में क्या फ़र्क है?
Cataract में आँख का लेंस धुँधला होता है। Glaucoma में आँख का अंदरूनी दबाव बढ़कर नस पर असर करता है, इसे काला मोतिया भी कहा जाता है।
Cataract surgery का मतलब क्या है?
यह वह ऑपरेशन है जिसमें धुँधला लेंस हटाकर नया कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। ज़्यादातर मरीज़ उसी दिन घर लौट जाते हैं।