Dysentery meaning in Hindi है पेचिश, यानी आंतों का ऐसा संक्रमण जिसमें बार-बार दस्त होते हैं और मल के साथ आँव (चिपचिपा पदार्थ) या ख़ून आता है। घरों में इसे आँव पड़ना या ख़ूनी दस्त भी कहा जाता है।
अगर पर्ची या जाँच रिपोर्ट में dysentery लिखा मिले, तो इसका मतलब आम दस्त से ज़्यादा गंभीर पेट की तकलीफ़ है। नीचे इसका उच्चारण, लक्षण, diarrhea से फ़र्क और बचाव की बातें सरल हिंदी में दी गई हैं।
एक नज़र में
हिंदी अर्थ
पेचिश, आँव, ख़ूनी दस्तशब्द-भेद
Noun (संज्ञा)उच्चारण
डिसेंट्रीदो मुख्य प्रकार
bacillary dysentery (बैक्टीरिया से), amoebic dysentery (अमीबा से)मिलते-जुलते शब्द
diarrhea, gastroenteritis, colitisकहाँ दिखता है
डॉक्टर की पर्ची, लैब रिपोर्ट, सेहत की ख़बरें
Dysentery meaning in Hindi: बीमारी आसान शब्दों में
Dysentery में आंतों, ख़ासकर बड़ी आंत, में सूजन आ जाती है। आम तौर पर यह सूजन उन कीटाणुओं से होती है जो गंदे पानी या बासी, दूषित खाने के साथ पेट तक पहुँचते हैं। दो प्रकार सबसे आम हैं:
- बैसिलरी डिसेंट्री: बैक्टीरिया से होने वाली पेचिश। इसमें अक्सर अचानक बुख़ार और मरोड़ के साथ दस्त शुरू होते हैं।
- अमीबिक डिसेंट्री: अमीबा नाम के एक बहुत छोटे परजीवी से होने वाली पेचिश। यह कई बार धीरे-धीरे शुरू होती है और लंबी खिंच सकती है।
दोनों में पहचान की बात एक ही है: मल में आँव या ख़ून और पेट में ऐंठन।
डिसेंट्री कैसे बोलते हैं
Dysentery का उच्चारण डिसेंट्री है। ज़ोर पहले हिस्से डिस पर रहता है। शुरुआत का y यहाँ इ की आवाज़ देता है, इसलिए डायसेंट्री बोलना सही नहीं। कुछ लोग इसे डिसेन्टरी भी बोलते हैं, जो बोलचाल में समझ में आ जाता है।
पेचिश के आम लक्षण
- बार-बार पतले दस्त, जिनमें आँव या ख़ून दिखे
- पेट में ऐंठन और मरोड़
- शौच के बाद भी पेट साफ़ न होने का एहसास
- बुख़ार, थकान और भूख कम लगना
- पानी और नमक घटने से होने वाली dehydration
यहाँ लिखी बातें बस आम समझ के लिए हैं, किसी इलाज का नुस्ख़ा नहीं। ख़ून वाले दस्त, तेज़ बुख़ार, या बच्चे और बुज़ुर्ग में कमज़ोरी दिखे तो फ़ौरन अपने डॉक्टर से मिलें।
Dysentery और diarrhea में अंतर
| बात | Diarrhea (दस्त) | Dysentery (पेचिश) |
|---|---|---|
| मल कैसा होता है | पतला, पानी जैसा | आँव या ख़ून के साथ |
| पेट दर्द | हल्का या बिल्कुल नहीं | तेज़ मरोड़ आम है |
| बुख़ार | कभी-कभी | अक्सर |
| आंत पर असर | ज़्यादातर छोटी आंत | ज़्यादातर बड़ी आंत में सूजन |
यानी हर पेचिश में दस्त होते हैं, पर हर दस्त पेचिश नहीं होता। cholera और typhoid भी गंदे पानी से फैलते हैं, पर उनके लक्षण अलग हैं।
Dysentery के उदाहरण वाक्य
| English | हिंदी |
|---|---|
| My cousin was hospitalised for dysentery last week. | पिछले हफ़्ते मेरे चचेरे भाई को पेचिश के चलते अस्पताल ले जाना पड़ा। |
| Dirty water can cause dysentery. | गंदा पानी पीने से पेचिश हो सकती है। |
| A stool test was done to check for dysentery. | पेचिश है या नहीं, यह देखने के लिए मल की जाँच करवाई गई। |
| Keep drinking ORS to avoid weakness during dysentery. | पेचिश में कमज़ोरी से बचने के लिए ORS पीते रहें। |
| Cases of dysentery rise in the rainy season. | बरसात के मौसम में पेचिश के मामले बढ़ जाते हैं। |
पर्ची पढ़ना और बचाव के तरीक़े
पर्ची पर लिखा है: "Diagnosis: Amoebic dysentery. Plenty of fluids." इसका मतलब है कि जाँच में अमीबा वाली पेचिश पाई गई है और मरीज़ को ख़ूब पानी, ORS और तरल चीज़ें लेनी हैं। दवा वही लें जो डॉक्टर ने लिखी है।
- पीने का पानी उबालकर या साफ़ फ़िल्टर से लें।
- खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोएँ, यानी hygiene का ध्यान रखें।
- बरसात में सड़क किनारे का कटा फल और खुला रखा खाना टालें।
पेट की दूसरी परेशानियों के अंग्रेज़ी नाम, और ख़ुद stomach का अर्थ, हमारे मेडिकल शब्दों के संग्रह में पढ़ सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Dysentery ko Hindi mein kya kehte hain?
Dysentery को हिंदी में पेचिश कहते हैं। आम बोलचाल में आँव पड़ना या ख़ूनी दस्त भी बोला जाता है।
पेचिश और दस्त में क्या फ़र्क है?
दस्त में मल पतला होता है, जबकि पेचिश में उसके साथ आँव या ख़ून निकलता है और पेट बुरी तरह ऐंठता है। पेचिश आम तौर पर ज़्यादा गंभीर मानी जाती है।
Dysentery कैसे फैलती है?
ज़्यादातर गंदे पानी, दूषित खाने और बिना धुले हाथों से। घर में किसी एक को हो, तो साफ़-सफ़ाई का ख़ास ध्यान रखें ताकि बाक़ी लोगों तक न पहुँचे।
Amoebic dysentery का मतलब क्या है?
यह अमीबा नाम के एक छोटे परजीवी से होने वाली पेचिश है। इसकी जाँच और दवा डॉक्टर ही तय करते हैं।
Dysentery में क्या खाना चाहिए?
आम तौर पर ORS, नारियल पानी, दाल का पानी, खिचड़ी और दही जैसी हल्की चीज़ें दी जाती हैं। अपनी हालत के हिसाब से डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।