Gout meaning in Hindi है गठिया या गाउट, यानी गठिया का वह प्रकार जिसमें खून में यूरिक एसिड बढ़ने से उसके बारीक क्रिस्टल जोड़ों में जम जाते हैं। इससे जोड़ में अचानक बहुत तेज़ दर्द, सूजन, लाली और गर्माहट होती है।
सबसे ज़्यादा यह पैर के अंगूठे की जड़ वाले जोड़ में होता है, पर टखने, घुटने और कलाई में भी हो सकता है। डॉक्टर की पर्ची या रिपोर्ट में gout या gouty arthritis लिखा हो, तो यह पेज आपको शब्द समझने में मदद करेगा।
एक नज़र में
हिंदी अर्थ
गाउट, गठिया का एक प्रकारशब्द-भेद
Noun (संज्ञा)उच्चारण
गाउटजुड़े शब्द
gouty (गाउट से जुड़ा), uric acid (यूरिक एसिड), flare (दौरा)किस तरह की बीमारी
arthritis का एक प्रकारकहाँ दिखता है
डॉक्टर की पर्ची, ब्लड रिपोर्ट, सेहत के लेख
Gout meaning in Hindi आसान शब्दों में
हमारा शरीर खाने और कोशिकाओं के टूटने से यूरिक एसिड बनाता है, जो आम तौर पर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाता है। जब यह ज़्यादा बनने लगे या किडनी इसे ठीक से न निकाल पाए, तो इसकी मात्रा बढ़ जाती है। तब यह सुई जैसे नुकीले क्रिस्टल बनकर जोड़ में बैठ जाता है और शरीर वहाँ inflammation यानी सूजन वाली प्रतिक्रिया करता है। इसी हालत को gout कहते हैं।
हिंदी में लोग इसे आम तौर पर गठिया कहते हैं, पर गठिया एक बड़ा शब्द है जिसमें जोड़ों की कई बीमारियाँ आती हैं। Gout उनमें से एक ख़ास प्रकार है।
गाउट का उच्चारण
Gout को गाउट बोलते हैं, जैसे out में आउट या shout में शाउट। ou यहाँ मिलकर आउ की आवाज़ बनाते हैं, इसलिए इसे गौट, गोट या गूट नहीं बोलते। आख़िर का t साफ़ सुनाई देता है। Gouty को गाउटी और gouty arthritis को गाउटी आर्थ्राइटिस बोला जाता है। क्लिनिक में हिंदी बोलने वाले मरीज़ भी अक्सर यही गाउट शब्द कहते हैं, इसलिए पर्ची पढ़ते समय इसे किसी दूसरी बीमारी से न मिलाएँ।
आम लक्षण और दौरा
- रात में या सुबह अचानक जोड़ में तेज़ दर्द, इतना कि चादर का छूना भी चुभे।
- जोड़ का लाल होना, सूजना और छूने पर गर्म लगना।
- दर्द कुछ दिनों में कम होना, पर फिर कभी दोबारा उठ जाना। ऐसे दौर को gout attack या flare कहते हैं।
- लंबे समय तक बिना इलाज के रहे तो जोड़ों में जकड़न यानी stiffness और त्वचा के नीचे गाँठें बन सकती हैं।
यह पेज सिर्फ़ शब्द और उसकी आम समझ देता है, इलाज की सलाह नहीं। जोड़ अचानक सूज जाए और दर्द असहनीय लगे, तो ख़ुद से दवा न लें, किसी डॉक्टर को दिखाकर उनकी बताई दवा ही लें।
रिपोर्ट और बातचीत में gout
पर्ची पर लिखा है: Acute gout, right big toe. Serum uric acid raised. इसका मतलब है दाएँ पैर के अंगूठे में गाउट का ताज़ा दौरा आया है और खून में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हुआ है।
| English | हिंदी |
|---|---|
| My uncle has gout, so he avoids red meat. | चाचा को गाउट है, इसलिए वे लाल मांस से परहेज़ करते हैं। |
| The gout pain started at midnight. | गाउट का दर्द आधी रात को शुरू हुआ। |
| Drinking enough water may help people with gout. | भरपूर पानी पीना गाउट वालों के लिए मददगार हो सकता है। |
| The doctor checked his uric acid level for gout. | डॉक्टर ने गाउट की जाँच के लिए उसका यूरिक एसिड देखा। |
Gout और arthritis में फ़र्क
Arthritis किसी भी तरह की जोड़ों की सूजन का आम नाम है। उम्र के साथ घिसने वाला गठिया, शरीर की अपनी रक्षा प्रणाली से होने वाला गठिया और गाउट, सब इसके प्रकार हैं। Gout की पहचान है यूरिक एसिड के क्रिस्टल और अचानक, बहुत तेज़ दर्द। हड्डियों से जुड़ी दूसरी हालत के लिए osteoporosis पेज देखें।
बढ़ा ख़तरा और जुड़े शब्द
डॉक्टर बताते हैं कि मोटापा, ज़्यादा शराब, मीठे पेय, लाल मांस और कुछ समुद्री भोजन ज़्यादा खाना, कम पानी पीना, ऊँचा ब्लड प्रेशर और किडनी की कमज़ोरी गाउट का ख़तरा बढ़ाते हैं। लाल मांस, कुछ समुद्री भोजन और शराब में purine नाम का पदार्थ ज़्यादा होता है, जिससे शरीर में यूरिक एसिड बनता है। जुड़े शब्द: uric acid, purine, flare, obesity और hypertension। शरीर और बीमारियों से जुड़ी पूरी सूची हेल्थ शब्दकोश वाले सेक्शन में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Gout ka matlab kya hai Hindi mein?
Gout का मतलब है गठिया का एक प्रकार, जिसमें यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में तेज़ दर्द और सूजन होती है। हिंदी में लोग इसे गाउट या गठिया कहते हैं।
Gout ज़्यादातर किस जगह होता है?
सबसे ज़्यादा पैर के अंगूठे की जड़ में। इसके अलावा टखना, एड़ी, घुटना, कलाई और उँगलियाँ भी प्रभावित हो सकती हैं।
क्या gout और uric acid एक ही चीज़ है?
नहीं। Uric acid खून में मौजूद एक पदार्थ है। जब उसका स्तर बढ़कर जोड़ों में क्रिस्टल बना दे और दर्द हो, तब उस बीमारी को gout कहते हैं।
Gouty arthritis का मतलब क्या है?
Gouty arthritis और gout एक ही बात है, यानी यूरिक एसिड की वजह से होने वाला जोड़ों का गठिया।
Gout का इलाज कौन करता है?
आम डॉक्टर इसकी शुरुआती जाँच करते हैं। बार-बार दौरे पड़ें तो मरीज़ को rheumatologist यानी जोड़ों और गठिया की बीमारियों के विशेषज्ञ के पास भेजा जा सकता है।